पंजाब सरकार 15 जनवरी को मुख्यमंत्री सेहत योजना लागू करने जा रही है। सीएम भगवंत मान व आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल इस योजना की औपचारिक शुरुआत करेंगे। इसके तहत यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी पंजाब में हर परिवार का 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा करेगी। इसके लिए स्टेट हेल्थ एजेंसी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर संयम अग्रवाल और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मैथ्यू जॉर्ज ने एमओयू किया। माैके पर स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. बलबीर सिंह मौजूद रहे|

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्थ स्कीम के तहत पहले मिलने वाला पांच लाख रुपये का हेल्थ कवरेज, जो कुछ खास कैटेगरी तक ही सीमित था, उसे दोगुना कर दिया गया है। इसलिए नई स्कीम का मकसद पंजाब के सभी निवासियों जिसमें सरकारी कर्मचारी और पेंशनर शामिल हैं, के हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देना है। मंत्री ने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आय सीमा या अन्य क्राइटेरिया नहीं है। सिर्फ आधार और वोटर आईडी का इस्तेमाल करके कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के जरिये रजिस्ट्रेशन को आसान बना दिया गया है। इसके बाद लाभार्थी को डेडिकेटेड एमएमएसवाई हेल्थ कार्ड मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी।मंत्री के अनुसार कंपनी राज्य के सभी 65 लाख परिवारों को हर परिवार को एक-एक लाख रुपये का हेल्थ कवर देगी। एक लाख रुपये से 10 लाख रुपये के बीच की मेडिकल जरूरतों के लिए इंश्योरेंस स्टेट हेल्थ एजेंसी द्वारा ट्रस्ट के आधार पर दिया जाएगा। यह स्कीम इनोवेटिव हेल्थ बेनिफिट पैकेज (एमबीपी 2.2) को अपनाती है, जो 2000 से ज्यादा चुने हुए ट्रीटमेंट पैकेज के जरिये पूरी कवरेज पक्का करता है।इस स्कीम के तहत, लाभार्थी 824 सूचीबद्ध अस्पतालों के एक मजबूत नेटवर्क का इस्तेमाल करके सेकेंडरी और टर्शियरी हेल्थकेयर सर्विस का फायदा उठा सकते हैं, जिसमें अभी 212 सरकारी हॉस्पिटल, केंद्र सरकार के आठ हॉस्पिटल और 600 से ज्यादा प्राइवेट हॉस्पिटल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस स्कीम के तहत लिस्टेड हॉस्पिटल की संख्या समय के साथ और बढ़ने की उम्मीद है।

 

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