आम आदमी पार्टी और उसके युवा चेहरे राघव चड्ढा के रास्ते अलग हो गए हैं। राघव ने भाजपा में शामिल होने का एलान किया है। उनके साथ पंजाब के सांसद अशोक मित्तल, राजेंद्र गुप्ता, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी और हरभजन सिंह के भी भाजपा में जाने की बात सामने आ रही है। कुछ दिन पहले राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से चड्ढा को हटाकर उनकी जगह डॉ. अशोक कुमार मित्तल को नियुक्त किया गया था। इस फैसले ने सियासी गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए थे।
पार्टी ने नेतृत्व में बदलाव करने के बाद राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर यह भी अनुरोध किया था कि राघव चड्ढा को सदन में बोलने के लिए समय न दिया जाए। इसके बाद से पार्टी और चड्ढा के बीच दूरियों की चर्चा शुरू हो गई थी। जो आज पार्टी में टूट के ताैर पर सामने आ गई। दरअसल केजरीवाल और राघव चड्ढा में दूरियां उसी दिन से नजर आने लगी थी जब केजरीवाल जेल में थे और राघव अपनी पत्नी परिनीति के साथ लंदन में घूमते व मस्ती की फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे थे। राघव को लोकसभा चुनाव में भी पंजाब से दूर रखा गया। औपचारिक तौर पर वे श्री आनंदपुर साहब सीट पर नजर आए थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा पार्टी के अहम मुद्दों पर अपेक्षाकृत शांत नजर आ रहे थे। विपक्ष जहां इसे आप के अंदरूनी मतभेद का संकेत बता रहा था। वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और नए उपनेता डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने इसे एक सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया करार दिया है, जिसका मकसद अन्य सांसदों को भी जिम्मेदारी देना है।






















