पंजाब के कपूरथला में चर्चित एमआईसी मोबाइल शोरूम पर फायरिंग मामले के पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने हरियाणा से कौशल चौधरी गैंग के दो शूटरों मनीष उर्फ मनी और ललित कुमार उर्फ ललिती को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनसे दो देसी पिस्टल और सात कारतूस बरामद किए हैं। मामले में थाना सिटी में कौशल चौधरी, सौरव गंडोली, पवन उर्फ सोनू जाट, राहुल और तीन अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने रंगदारी की रकम संभालने के आरोप में पवन की मां को पहले से गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। इस मामले में दिल्ली का गैंगस्टर पवन उर्फ सोनू जाट ही इन दोनों शूटर को आपरेट कर रहा था।

पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी वत्सला गुप्ता ने बताया कि इन लोगों ने पूरी प्लानिंग के साथ घटना को अंजाम दिया। पहले गोलियां चलाकर दहशत फैलाई। फिर दो दिन बाद शोरूम मालिक को फोन करके पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। कपूरथला पुलिस की एसपी-डी सरबजीत राय के नेतृत्व में बदमाशों को पकड़ने के लिए बनाई गई स्पेशल टीम ने दिन-रात एक करके मामले को सुलझाया है। एसएसपी ने माना कि पुलिस के पास केस के संबंध में कोई लीड नहीं थी। फिर भी सीआईए, टेक्निकल सेल लगातार मामले को ट्रेस करने में जुटे रहे। दोनों शूटर पांच अक्टूबर को जालंधर रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में फर्जी दस्तावेजों पर ठहरे और दो दिन एमआईसी की रेकी की, फिर शोरूम से मोबाइल की केबल भी खरीदी, जिससे अंदर कितना स्टाफ है, किसी के पास कोई हथियार वगैरह तो नहीं। सात अक्टूबर को फायरिंग करके पांच करोड़ की पर्ची फेंक गए ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here