पंजाब में सोमवार से बसों के पहिए थम जाएंगे। पंजाब रोडवेज, पीआरटीसी और पनबस कर्मियों ने हड़ताल की चेतावनी दी है। शनिवार को मोगा में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए पंजाब रोडवेज पनबस/पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रेशम सिंह गिल बताया कि 6,7,8 जनवरी को पंजाब रोडवेज, पीआरटीसी और पनबस का चक्का जाम रहेगा।

7 जनवरी को सुबह 10 बजे चंडीगढ़ मुख्यमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रोडवेज पनबस, पीआरटीसी के मुलाजिमों द्वारा लंबे समय से मांगों को लेकर संघर्ष चल रहा है। कर्मचारियों की जो मांग थी वह सरकार ने अभी तक पूरी नहीं की।एक जुलाई 2024 को पंजाब सरकार के संबंधित अधिकारियों के साथ पंजाब रोडवेज, पीआरटीसी, पनबस मुलाजिमों की एक मीटिंग हुई थी, जिसमें हमारे मुख्य मांग थी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करें। ठेकेदारी सिस्टम खत्म करें, विभाग में नई बसें और किलोमीटर स्कीम की बसें बंद करें, ट्रांसपोर्ट माफिया पर रोक लगाए, नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को शर्तों के साथ बहाल करें और साथ में विभाग को सही ढंग से चलाने की मांग और वेतन बढ़ाने की मांग की गई थी। बैठक के बाद सरकार और विभाग के अधिकारियों ने हमारे मांग को नजरंदाज किया। इस कारण पूरे पंजाब में 6, 7 और 8 जनवरी को पंजाब रोडवेज, पीआरटीसी, पनबस का चक्का जाम रहेगा। 7 जनवरी को सुबह 10 बजे चंडीगढ़ मुख्यमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में कुछ किसान जत्थेबंदी भी शामिल होंगे।पंजाब में तीन दिन के लिए रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से आम लोगों को खासी परेशानी होने वाली है। क्योंकि बसों के न चलने से यात्रियों को निजी बसों या टैक्सियों का सहारा लेना पड़ेगा। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होंगे। इससे पहले तीन दिन तक कभी भी रोडवेज कर्मियों ने हड़ताल नहीं की थी। ऐसे में अगर यह हड़ताल तीन दिन तक चलेगी तो इससे विभाग को भी खासा आर्थिक नुकसान होगा।

 

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