किसान आंदोलन 2.0 के 10 महीने आज पूरे हो गए। आज शंभू और खनाैरी बाॅर्डरों पर बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें बड़ी संख्या में किसानों से पहुंचने की अपील की है। वहीं खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन पर बैठे जगजीत सिंह डल्लेवाल की सेहत बिगड़ती जा रही है। इससे भड़के किसानों ने वीरवार को संघर्ष तेज करने का एलान कर दिया। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को केंद्र, पंजाब व हरियाणा सरकार के पुतले फूंककर प्रदर्शन किए जाएंगे।

16 दिसंबर को पंजाब को छोड़कर देशभर में तहसील व जिला स्तरों पर ट्रैक्टर मार्च निकाले जाएंगे और 18 दिसंबर को ट्रेनें रोकी जाएंगी। ट्रैक्टर मार्च निकालने के बाद अधिकारियों को डल्लेवाल की ओर से राष्ट्रपति के नाम लिखी चिट्ठी दी जाएगी।

डल्लेवाल ने खून से हस्ताक्षर करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। डल्लेवाल ने मोदी से एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत किसानों की बाकी सभी मांगें पूरी करने की अपील की है। लिखा है कि वे 17 दिनों से अनशन पर , ऐसे उनका आपके नाम यह पहला व आखिरी पत्र है। आपको करना है कि एमएसपी की गारंटी देंगे या उनके जैसे किसान की बलि लेंगे। डल्लेवाल की तबीयत की जानकारी लेने शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन टिकैत के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और पंजाब प्रधान हरिंदर सिंह लक्खोवाल पहुंच रहे हैं।

डल्लेवाल का अनशन खत्म करवाने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई गई है। कहा गया है कि वे 26 नवंबर से अनशन पर हैं और उनका वजन भी 12 किलो गिर चुका है। उनकी जान पर संकट है। एडवोकेट वीरेश शांडिल्य ने यह याचिका लगाई है। याची ने बताया कि डल्लेवाल कैंसर से जूझ रहे हैं। खराब स्वास्थ्य के कारण उनकी किडनी फेल होने की भी संभावना है।पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि डेडलॉक खत्म करके किसानों के साथ बातचीत शुरू की जानी चाहिए। जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। संधवां ने डल्लेवाल की सेहत पर भी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को डल्लेवाल का अनशन खत्म करवाने के लिए प्रयास करने चाहिए, ताकि उनकी जान बच सके।

 

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