पंजाब में जिसका खेत उसकी रेत पॉलिसी लागू कर दी गई है। कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लगी। बैठक के बाद सीएम भगवंत मान ने पत्रकारों से बातचीत में इसकी जानकारी दी।कैबिनेट मंत्री श्री मोहिंदर भगत जी द्वारा पंजाब सरकार के इन फैसलों की प्रशंसा करते हुए कहा गया कि इस पॉलिसी से पंजाब के बाढ़ प्रभावित लोगों को काफी राहत मिलेगी|

इस पाॅलिसी के अंतर्गत जिसके खेत में मिट्टी है, उसको वह किसान बेच सकता है। बाढ़ के बाद दरियाओं की गाद किसानों के खेतों में इकट्ठा हो गई है। पंजाब के किसानों को प्रति एकड़ फसल बर्बादी पर 20 हजार रुपये का मुआवजा सरकार देगी। सरकार का दावा है कि ये अब तक का देश में सबसे ज्यादा मुआवजा है।जिन लोगों की मौत बाढ़ के दौरान हुई है, उनके परिवारों को चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। जिन लोगों के घर बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें वित्तीय सहायता मिलेगी।सीएम ने बताया कि जिन किसानों ने पंजाब कोऑपरेटिव बैंकों से कर्ज लिया हुआ है। उन्हें छह महीने तक कोई किश्त नहीं देनी होगी। इस दौरान कोई ब्याज भी नहीं लगेगा। बाढ़ का पानी उतरने के बाद टीकाकरण अभियान शुरू होगा। लोगों की स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल शिविर लगाए जाएंगे। प्रदेश में पानी उतरने के बाद बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलेगा।बाढ़ के पानी से स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी भवनों का बहुत नुकसान हुआ है। उनका सर्वे करवाकर उनकी मरम्मत करवाई जाएगी। सीएम ने कहा कि पंजाब सरकार इस संकट के मौके पर सभी पंजाबियों के साथ खड़ी है।

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